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कूप(Coupe) और सिडान(Sedan) गाड़ियाँ

हम आमतौर पे सुनते आते हैं Coupe, Sedan, Hatchback, लेकिन कभी कभी हमें कन्फ्यूजन भी होता है कि आखिर इन तीनों के बीच अंतर क्या है? कैसे पहचानेंगे कि कौन सी गाड़ियों को कूप कहें, किसी सिडान और किसे हैचबैक. इन्ही सवालों के जवाब आईये आज के पोस्ट में खोजने की कोशिश करते हैं हम.

सबसे पहले जानते हैं कूप(Coupe) किसी कहते हैं.

कूप(Coupe)

आसन शब्दों में कहें तो कूप(Coupe) दरअसल दो दरवाजों वाली एक बंद कार है जिसका छत उससे पक्की तौर पर जुडी रहती है. सामान्यतया इसमें सिर्फ दो लोगों के बैठने की जगह होती है. इसका नाम Coupe का उद्गम दरअसल एक फ्रेंच शब्द Coupé से हुआ है जिसका अर्थ होता है- काटना. इसका शाब्दिक अर्थ तो इसके विभिन्न निर्माताओं और समय के साथ-साथ बदलता गया. सबसे पहले १९वी शताब्दी की गाड़ियों के साथ यह टर्म इस्तेमाल किया गया था, क्योंकि उनमे पिछली सीटें हटी हुई थी. कूप को सामान्यतया दो दरवाज़ों वाली क्लोज्ड बॉडी स्टाइल स्पोर्ट्स कार की श्रेणी में रखा जाता है. सामान्य तौर पर कूप में या तो दो सीटें होती हैं. कभी कभी 2+2 के कॉन्फ़िगरेशन वाली चार सीटों वाली कार भी आती है. आम गाड़ियों में जहाँ पिछली सीट बड़ी होती है और उसपर तीन व्यक्ति बैठ सकते हैं, उसके मुकाबले 2+2 कॉन्फ़िगरेशन वाले कूप गाड़ियों में पिछली दोनों सीट बेहद छोटी होती हैं, जिसपर सही से सिर्फ बच्चा ही बैठ सकता है. लेकिन ये 2+2 सीट वाली गाड़ियाँ कम होती हैं, आम तौर पर सिर्फ दो सीट वाले ही Coupe होते हैं. 2+2 कॉन्फ़िगरेशन वाले Coupe जर्मनी में देखे जाते हैं आम तौर पर लेकिन बाकी देशों में ये अब भी कम देखे जाते हैं.


टेक्निकली हम कूप को एक ऐसी फिक्स्ड टॉप कार(Fixed-top car) के रूप में परिभाषित कर सकते हैं, जिसका रिअर इंटीरिअर वॉल्यूम(Rear interior volume)33 क्यूबिक फीट से कम होता है. आम तौर पर जिस कार का रिअर इंटीरिअर वॉल्यूम 33 क्यूबिक फीट से कम होता है उसमे सिर्फ दो ही दरवाजे होते हैं, इसलिए पारंपरिक तौर पर दो दरवाज़ों वाली कारों को कूप बुलाने का चलन हो गया. हाँलाकि ऐसी ढेरों कारें हैं जिनमे सिर्फ दो दरवाज़े तो हैं परन्तु उनका रिअर इंटीरिअर वॉल्यूम 33 क्यूबिक फीट से ज़्यादा है. ऐसी कारों के निर्माता भले ही उन्हें कूप का नाम दे, परन्तु तकनीकी तौर पर वे दो दरवाज़ों वाली सिडान ही हैं.

आईये देखते हैं Coupe गाड़ियाँ कैसी होती हैं, तस्वीरों के जरिये समझने की कोशिश करें इसे.

शुरूआती दिनों में ऐसी गाड़ियाँ होती थीं जिसे कूपे बुलाया जाता था. देखिये 1934 की Ford Coupe.


कूप का एक क्लास बिजनेस कूप भी कहा जाता है, जिसे पहले मुख्यतः सेल्समेन इस्तेमाल करते थे. इसमें पिछली सीट नहीं होती थीं, पीछे सीट के जगह इसमें वे लोग अपने सामान रख सकते थे.  ये देखिये बिजनेस Coupe की एक तस्वीर. 1936 Packard One-Twenty Business Coupé


2+2 कॉन्फ़िगरेशन  वाले Coupe को Four Door Coupe भी कहते हैं, सबसे पहले इस तरह की गाड़ियों की शुरुआत की थी Rover P5 ने, जिसे बाद में Toyota Carina ED(1992) और Mercedes-Benz CLS, में भी देखा गया था. देखिये तस्वीरें. 

Rover P5
Mercedes-Benz CLS
एक क्वैड कूप भी श्रेणी है कूपे गाड़ियों की. इस तरह की गाड़ियों में फ्रंट डोर(Front Door) और रिअर डोर(Rear Door) की बीच कोई पीलर नहीं होती है. फ्रंट डोर बड़ा होता है और रिअर डोर छोटा. इस तरह की गाड़ियों में आप सीधे पीछे का दरवाज़ा नहीं खोल सकते, पीछे के दरवाज़े को खोलने के लिए आगे के दरवाज़े को खोलना जरूरी होता है. दो गाड़ियाँ देखिये, जो इस श्रेणी में आती हैं. 2007 Saturn Ion quad coupé और Mazda RX-8. देखिये इनकी तस्वीरें. 

2007 Saturn Ion

Mazda RX-8.

अब आईये देखते हैं सिडान किसी कहते हैं.

सिडान (Sedan)

तीन और दो बॉक्स वाले सिडान का चित्र 
सिडान अथवा कुछ देशों(खासकर ब्रिटेन)में सलून(Saloon) के नाम से पुकारी जाने वाली यह कार टेक्नीकल तौर पर तीन पिलर पर आधारित है. A, B और C. ये तीन कम्पार्टमेंट बेसक्ली इंजन यात्री और पीछे की डिक्की को अलग करती हैं. आप साथ में दिए गए तस्वीर से इसे अच्छे से समझ सकते हैं. हम सामान्यतया सिडान के रूप में एक बड़ी, चार दरवाजों और बंद छत वाली कार की कल्पना करते हैं, जिनमे चार से पाँच लोग आराम से बैठ सकें. किसी सिडान को पहचानने का सबसे अच्छा तरीका है इसकी आगे और पिछली खिडकियों के बीच में एक फिक्स्ड B-pillar(तस्वीर में देखें) का होना.



कूप के विकल्प के तौर पर सिडान को हम तकनीकी तौर पर हम एक ऐसी क्लोज्ड रूफ डोर वाली गाड़ी के रूप में परिभाषित कर सकते हैं जिसका रियर इंटीरियर वॉल्यूम 33 क्यूबिक फीट के बराबर या उससे अधिक होता है.

सिडान गाड़ियों की कुछ सेगमेंट होते हैं. आईये देखते हैं वे सेगमेंट क्या हैं?

नोचबैक सिडान(Notchback sedans)

नोचबैक सिडान तीन बॉक्स वाली एक सिडान है. इसकी पहचान आसन है. इसमें गाड़ी का छत, पीछे ट्रंक का लिड और आगे बोनट का लिड ज़मीन के समानांतर पर रहता है. आप ये तस्वीर देखिये, 1962 Chevrolet Impala की. इस तस्वीर से आप नोचबैक सिडान को बेहतर समझ सकते हैं. शेवरलेट इम्पाला की बात चली ही है तो आपको याद दिला दूं कि हमारे बॉलीवुड फिल्मों में आप ये इम्पाला गाड़ी बहुत देखे होंगे, याद कीजिये ज़रा पुराने उन फिल्मों को.

1962 Chevrolet Impala
फ़ास्टबैक सिडान(Fastback sedans)

फ़ास्टबैक सिडान एक ऐसी दो डिब्बों वाली सिडान(Two-box Sedan)होती है, जिसमे इसकी छत से लेकर इसके डिक्की के लिड तक स्लोप यानी ढलान होती है.

Plymoth
हार्डटॉप सिडान(Hardtop Sedan)

हार्डटॉप सिडान को समझने के लिए पहले के दिनों की गाड़ियों के उदाहरण देखने पड़ेंगे. आम तौर पर सिडान को आप देखें तो पायेंगे की गाड़ी के दरवाज़े और खिडकियों के चारो और एक फ्रेम होता है, लेकिन अगर वहीँ सिडान में वो फ्रेम न हो, फ्रेमलेस हो सिडान तो उसे हार्डटॉप सिडान कहेंगे. एक हार्डटॉप सिडान को अगर आप गौर से देखेंगे तो पायेंगे कि इसमें बीच का पिलर नहीं होता. होती ये थ्री बॉक्स कार ही है लेकिन बस आगे के दरवाजों के पीछे का पिलर इसमें से गायब होता है. 1960 और 1970 के दशक में ये हार्डटॉप सिडान काफी देखे जाते थे. देखिये 1958 Ambassador हार्डटॉप कार को. आप ये देखने के बाद समझ ही रहे होंगे कि क्यों 60’s और 70’s को क्लासिक गाड़ियों का युग कहा जाता था.

1958 Ambassador 

हैचबैक सिडान(HatchBack Sedan)

आज हम लोग हैचबैक सिडान का बहुत नाम सुनते हैं, लेकिन अकसर ये ध्यान नहीं देते कि ये गाड़ियाँ होती क्या हैं. इसका अर्थ क्या होता है. हैचबैक दरअसल फ़ास्टबैक सिडान के तर्ज पर ही बना होता है, बस थोड़ा सा अंतर होता है दोनों गाड़ियों में. फ़ास्टबैक सिडान में जहाँ गाड़ी के छत से जो स्लोप डिक्की के लिड तक आता था, वो हैचबैक सिडान में उल्टा होता है, गाड़ी डिक्की के लिड से ऊपर छत तक उठी रहती है. इसे लिफ्टगेट या हैच की मदद से ऊपर उठाया जाता है. देखिये हैचबैक गाड़ियों की कुछ तस्वीरें..

1977 Chevette

2004-2005 Chevrolet Malibu

Audi A5 

शोफर्ड सिडान(Chauffeured Sedan)

लिमोजिन सिडान में दरअसल एक कम्पार्टमेंट ड्राईवर के लिए होता है, जो कि पीछे के पैसंजर कम्पार्टमेंट से बिल्कल जुदा होता है,. पैसेंजर या यात्री कम्पार्टमेंट इतना लंबा होता ही है कि उसमे दो आमने सामने कर के लम्बी बेंच सीट लगाईं जा सकती हैं, और रहती भी हैं लिमोजिन सिडान में वैसी सीट.  वैसी गाड़ियाँ जो इस श्रेणी में आती हैं वो हैं Lincoln Town Car, Cadillac, Mercedes, Rolls-Royce और Maybach. टेक्निकली इन गाड़ियों को हम शोफर्ड(Chauffeured) सिडान लिमोजिन कहते हैं. शोफर्ड(Chauffeured) असल में शोफर(Chauffeur) शब्द से बना है जिसका अर्थ होता है प्रोफेशनल ड्राईवर.

Cadillac Limo
Maybach Limo
Lincoln Town Car

1 comment:

Veeru Sonker said...

रोचक और ज्ञान वर्धक जानकारी.....कार हमेशा से आकर्षण का केंद्र रही है ये पोस्ट जिज्ञासा को शांत करती है
उम्मीद है की आगे भी ऐसी जानकारी प्राप्त होती रहेगी.....धन्यवाद् प्रियंका जी